9 साल की आराध्या की हिम्मत से हिला सिस्टम: बच्ची के पेट में रह गया धागा

डिप्टी सीएम से शिकायत के बाद अस्पताल सील

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश):
9 साल की आराध्या ने वो कर दिखाया जो बड़े-बड़े लोग भी नहीं कर पाते — उसने अपनी तकलीफ की सीधी शिकायत डिप्टी सीएम (स्वास्थ्य मंत्री) से की, और नतीजा यह हुआ कि लापरवाह अस्पताल पर ताला लग गया।

मामला प्रयागराज के एक प्राइवेट अस्पताल का है, जहाँ आराध्या का कुछ दिन पहले ऑपरेशन किया गया था। परिवार का आरोप है कि सर्जरी के बाद बच्ची लगातार दर्द से कराहती रही। जब जांच कराई गई तो डॉक्टरों के होश उड़ गए — ऑपरेशन के दौरान सिलाई का धागा बच्ची के पेट के अंदर ही छूट गया था।

परिवार ने पहले अस्पताल प्रशासन से शिकायत की, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो आराध्या ने खुद डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को पत्र लिखा।
इस पत्र में उसने लिखा —

“डॉक्टर अंकल ने मेरा ऑपरेशन किया, पर धागा अंदर छोड़ दिया। मुझे बहुत दर्द होता है, कृपया मदद करें।”

पत्र मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की अगुवाई में टीम ने जांच की और रिपोर्ट में डॉक्टर व अस्पताल प्रशासन को दोषी ठहराया।

जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
डॉक्टर पर मेडिकल एक्ट के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने कहा —

“मेडिकल लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है। आराध्या जैसी बच्ची ने जो साहस दिखाया, वह मिसाल है।”

यह मामला न केवल मेडिकल सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सच्ची हिम्मत उम्र नहीं देखती।



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