फसल डूब गई,
उम्मीदें सूख गईं—
कर्ज और चिंता ने ली किसान की जान
फसल डूब गई – उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां एक किसान ने फसल बर्बाद होने के बाद आत्महत्या कर ली। परिवार के मुताबिक, उसकी बेटी की शादी तय थी, लेकिन लगातार बारिश और कीट हमले से फसल पूरी तरह नष्ट हो गई, जिससे किसान गहरे तनाव में था।
किसान की पत्नी ने बताया—“वे कहते थे कि अब कुछ नहीं बचा। मैंने बहुत समझाया कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन वे नहीं माने।”
मृतक किसान लंबे समय से खेती पर निर्भर था और उसने शादी के खर्च के लिए कर्ज लिया हुआ था। जब फसल बर्बाद हुई, तो न तो पैसे बचे और न ही उम्मीद। शुक्रवार सुबह उसने खेत के पास ही पेड़ से फांसी लगा ली।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन कर रही है और पीड़ित परिवार को राहत राशि देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
गांव के लोगों ने बताया कि किसान हमेशा मेहनती और खुशमिजाज था, लेकिन इस बार फसल के नुकसान ने उसकी आर्थिक और मानसिक स्थिति को तोड़ दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम की मार और बढ़ते कर्ज किसानों को मानसिक दबाव में ला रही है। जरूरत है कि सरकार बीमा और राहत योजनाओं को तेजी से लागू करे, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
