एनजीटी दिल्ली में चाँदे बाबा तालाब मामले की सुनवाई – डॉ. राजेश्वर सिंह ने गरीब दलित

परिवारों की ओर से रखा पक्ष, अदालत ने विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त किया

अब चांदे बाबा में विकास भी है, दिशा भी: गरीबों की छत भी सुरक्षित, हरियाली भी बढ़ रही है!

एनजीटी में सरोजनीनगर की संवेदना की जीत – डॉ. राजेश्वर सिंह ने रखा गरीब दलित परिवारों का पक्ष, न्यायालय ने जताया संतोष

विकास और पर्यावरण का संगम: ₹25 लाख की निधि से चांदे बाबा तालाब बनेगा हरियाली और आस्था का प्रतीक

नई दिल्ली/लखनऊ । राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT, दिल्ली) में गुरुवार को सरोजनीनगर क्षेत्र के चांदे बाबा तालाब (गढ़ी चुनौती) से संबंधित मामला सुना गया। सुनवाई के दौरान विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह स्वयं उपस्थित रहे और तालाब क्षेत्र के गरीब दलित समुदाय के प्रभावित परिवारों की ओर से पक्ष रखा।

डॉ. सिंह ने न्यायाधिकरण के समक्ष यह आग्रह किया कि इस क्षेत्र में रहने वाले गरीब परिवारों को विस्थापित न किया जाए, बल्कि तालाब का पुनर्विकास, सौंदर्यीकरण और पर्यावरणीय सुधार जन-सहयोग और संवेदनशीलता के साथ किया जाए।

विधायक निधि से स्वीकृत किए 25 लाख :
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा इस क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, पुनर्विकास और वृक्षारोपण हेतु विधायक निधि (MLA LAD Fund) से कुल ₹25 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। यह प्रस्ताव न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसे NGT द्वारा सराहा गया और रिकॉर्ड पर लिया गया।

साथ ही, जिला मजिस्ट्रेट लखनऊ ने न्यायाधिकरण में शपथपत्र (affidavit) दाखिल कर यह सूचित किया कि मैक्स हेल्थकेयर ग्रुप के CSR फंड्स के माध्यम से भी इस क्षेत्र के विकास कार्य कराए जाएंगे। डीएम लखनऊ द्वारा प्रस्तुत ड्रोन वीडियो को भी न्यायालय ने देखा और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त किया।

डीएफओ (DFO) लखनऊ ने भी तालाब क्षेत्र में चल रहे वृक्षारोपण और हरियाली कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट न्यायाधिकरण में प्रस्तुत की।

महत्वपूर्ण रूप से, NGT ने यह भी स्पष्ट किया कि दलित समुदाय के गरीब परिवारों को अभी विस्थापित नहीं किया जाएगा। न्यायाधिकरण का ध्यान अब 36.9 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले इस ऐतिहासिक तालाब के पर्यावरणीय पुनर्जीवन और समग्र विकास कार्यों पर केंद्रित है।

इस निर्णय से यह सुनिश्चित हुआ है कि पर्यावरण संरक्षण और मानवीय संवेदनशीलता – दोनों के बीच संतुलन बना रहेगा।

इस संबंध मेंडॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “विकास का अर्थ यह नहीं कि किसी की छत छिन जाए। हमारा उद्देश्य है कि गरीबों की रक्षा करते हुए प्रकृति की भी रक्षा हो। चाँदे बाबा तालाब सरोजनी नगर की आस्था, हरियाली और एकता का प्रतीक बनेगा, मुझे पूर्ण विश्वास है।”


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