2008 में हुए आतंकी हमले में 8 जवान और 1 नागरिक शहीद,
कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सुनाया बरी का फैसला
न्याय अधूरा रह गया – रामपुर (उत्तर प्रदेश) में 2008 में हुए CRPF कैंप आतंकी हमले मामले में बड़ा फैसला आया है। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी 6 दोषियों को बरी कर दिया है। इन सभी को 18 साल पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
यह हमला 2 जनवरी 2008 को हुआ था, जब तड़के करीब 1:45 बजे आतंकियों ने रामपुर स्थित CRPF कैंप पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में 8 CRPF जवान और एक नागरिक शहीद हुए थे। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मारे गए थे। पुलिस ने बाद में 6 लोगों को गिरफ्तार कर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा बताया था।
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में नाकाम रहा। इसलिए सभी आरोपियों को रिहा किया जाता है। फैसला सुनते ही कोर्टरूम में उनके परिजनों की आंखों में आंसू आ गए।
दूसरी ओर, शहीद जवानों के परिवारों में गहरा आक्रोश और दुख है। एक शहीद की बेटी ने कहा – “हमने सब कुछ खो दिया। अब अगर यही न्याय है, तो हमारे पापा की शहादत का क्या मतलब?” परिवारों का कहना है कि केस की जांच में कई खामियां रही, जिससे दोषियों को फायदा मिला।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फैसले की कॉपी मिलने के बाद सरकार हाई कोर्ट में अपील पर विचार करेगी। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े आतंकी हमले के बाद भी अगर कोई दोषी नहीं है, तो यह न्याय प्रणाली पर सवाल उठाता है।
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