विवादों में घिरा सरकारी अस्पताल:
जिस जिला अस्पताल ने हाल ही में “योगी सरकार की अर्थी निकालो” नारे को लेकर राजनीतिक हलचल मचा दी थी, अब वही अपनी अव्यवस्थाओं के कारण सुर्खियों में है। यहां हड्डी रोग विभाग में चार डॉक्टरों की तैनाती के बावजूद एक्स-रे मशीन महीनों से खराब पड़ी है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा केवल हफ्ते में एक दिन ही उपलब्ध रहती है। ऐसे में दूरदराज़ से आने वाले मरीजों को या तो लंबी लाइन में इंतज़ार करना पड़ता है या निजी क्लीनिकों में महंगे दामों पर जांच करानी पड़ती है।
मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में सुविधाओं का अभाव इतना है कि कई बार उन्हें बाहर से भी दवाइयाँ खरीदनी पड़ती हैं। वहीं, कुछ स्टाफ सदस्यों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि अस्पताल प्रशासन ने बार-बार मशीनों की मरम्मत की मांग की, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विवाद तब गहराया जब अस्पताल परिसर में कुछ दिनों पहले “योगी सरकार की अर्थी निकालो” जैसे नारे लगाए जाने का मामला सामने आया। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने इसे बाहरी तत्वों की साजिश बताया था। अब एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली ने सरकार और विभाग दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि अस्पताल की मूलभूत सुविधाएँ तुरंत बहाल की जाएं, ताकि गरीब मरीजों को इलाज के लिए निजी केंद्रों के चक्कर न लगाने पड़ें।
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